राजस्थान के अलवर कांड में अब एक नया मोड़ आ गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह मामला रेप का नहीं बल्कि हिट एंड रन का है. एक फूड डिलिवरी बॉय ने मानसिक रूप से बीमार पीड़िता को टक्कर मारी थी, जिससे वह जख्मी हो गई. फिलहाल मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है. वहीं सूत्रों के अनुसार, पुलिस को पीड़िता का आखिरी सीसीटीवी फुटेज 7 बजकर 31 मिनट का तिजारा फाटक की पुलिया की तरफ चढ़ते हुए मिला था और पीड़िता के घायल अवस्था में 7 बजकर 40 मिनट के दौरान अपनी जांच करते हुए 50 बाइक चालकों व अन्य वाहनों को चिह्नित किया.

इसमें भी 20 फूड डिलिवरी बॉयज थे. पुलिस ने फूड डिलिवरी चालकों से पूछताछ की है. सूत्रों के अनुसार, एक बाइक चालक ने टक्कर मारने की बात भी स्वीकार की है. पुलिस इस मामले में एक दो दिन में खुलासा कर सकती है.

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इस मामले में अलवर की एसपी तेजस्विनी गौतम ने कहा, इस मामले ने फिलहाल जांच जारी है. अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. दरअसल पुलिस अब कोई भी बयान जल्दबाजी में देने के मूड में नहीं है क्योंकि पहले भी पुलिस की तरफ से जारी बयानों में दुष्कर्म की कभी हां तो कभी ना से किरकिरी हो चुकी है.

इससे पहले रविवार को राजस्थान सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था. 14 वर्षीय किशोरी मंगलवार (11 जनवरी) रात अलवर जिले में मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में एक पुल पर बदहाल अवस्था में मिली थी. उसका जयपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है. मुख्यमंत्री गहलोत इस मामले में ‘‘राजनीतिक रोटियां सेंकने’’ को लेकर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को शनिवार को आड़े हाथ लिया था.

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गहलोत ने ट्वीट में कहा था, राज्य की पुलिस मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर रही है. यदि फिर भी परिजन किसी विशिष्ट अधिकारी या सीआईडी, क्राइम ब्रांच, एसओजी या सीबीआई से इस मामले की जांच करवाना चाहेंगे, तो राज्य सरकार इसके लिए भी तैयार है. सरकार की नीयत साफ है कि इस मामले में स्वतंत्र जांच हो व इस घटना की वास्तविकता सामने आए.



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