मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) कोविड-19 (Covid) ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दिल्ली सरकार (Delhi Government) के कर्मचारियों के परिवारों को मिलने वाले मुआवजे पर खुद नजर रखेंगे. दिल्ली कैबिनेट (Delhi Cabinet) ने मुख्यमंत्री (Chief Minister) के निर्देश पर कर्मचारियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में आज संशोधन कर दिया गयाप है. कैबिनेट ने इसके लिए एक ‘मंत्री समूह’ के गठन को भी मंजूरी दे दी है. यह मंत्री समूह (ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स) डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स, स्वास्थ्य देखभाल और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं सहित दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों के कोविड-19 मुआवजे के मामलों को देखेगा.

मंत्री समूह की अध्यक्षता डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया करेंगे और इसमें स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत भी शामिल रहेंगे. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में मंत्री समूह व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक मामले की जांच करेगा और अंतिम निर्णय लेने के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल को अपनी सिफारिशें भेजेगा. दिल्ली सरकार ने कोविड ड्यूटी के दौरान कोरोना से शहीद होने वाले कर्मचारियों को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि की घोषणा की है.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सोमवार को दिल्ली कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट ने कोविड-19 ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को मुआवजे देने का मामला उठाया. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार एक जिम्मेदार और संवेदनशील सरकार है. हमें अपने परिवार की तरह ही कोविड ड्यूटी पर तैनात दिल्ली सरकार के हर एक कर्मचारी के परिवार की देखभाल करनी है और जरूरत के समय में उनके साथ खड़े रहना है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस मामले में देरी को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

इस दौरान, दिल्ली कैबिनेट ने कोविड मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में एक ‘मंत्री समूह’ गठित करने का प्रस्ताव पारित किया. यह मंत्री समूह ऐसे सभी मामलों की फाइलों की व्यक्तिगत रूप से जांच करेगा. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत इस मंत्री समूह के सदस्य होंगे.

मंत्री समूह सभी मामलों की अलग-अलग जांच कर अपनी अनुशंसा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भेजेगा. जिसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल मुआवजे के वितरण की जिम्मेदारी संभालेंगे और विसंगतियों के मामले में अंतिम निर्णय लेंगे. दिल्ली सरकार का दावा है कि इस कदम से सभी कोविड योद्धाओं के परिवार वालों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी. अब इस निर्णय के बाद कोविड ड्यूटी के दौरान शहीद हुए दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के परिवारों को रिकॉर्ड समय में मुआवजा दिया जा सकेगा.

दरअसल, सीएम अरविंद केजरीवाल ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि कोविड-19 ड्यूटी करने के दौरान अगर किसी कर्मचारी की कोरोना से मौत होती है तो उसके परिवार को दिल्ली सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपए की राहत राशि दी जायेगी. इसमें दिल्ली सरकार के लिए काम करने वाले सभी डॉक्टर, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, सभी सुरक्षा और सफ़ाई कर्मचारी समेत सभी पुलिस कर्मचारी व अधिकारी शामिल हैं, इसमें अस्थाई या स्थाई दोनों ही कर्मचारी शामिल है.

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