Milan Exercise: समंदर में मित्र-देशों की नौसेनाओं (Navy) के साथ मेल-मिलाप बढ़ाने और संबंध मजबूत करने के इरादे से भारतीय नौसेना (Indian Navy) इस महीने विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में ‘मिलन-2022’ (Milan-2022) नाम की एक बड़ी एक्सरसाइज करने जा रही है. इस एक्सरसाइज में हिस्सा लेने के लिए भारत (India) ने अमेरिका (America), आस्ट्रेलिया (Australia), रूस (Russia), फ्रांस (France), इंग्लैंड (England), ब्राजील (Brazil) और फिलीपींस (Philippines) सहित कुल 46 देशों की नौसेनाओं को आमंत्रित किया है. खास बात ये है कि मिलन एक्सरसाइज के दौरान सिर्फ बंगाल की खाड़ी में ऑपरेशन्ल एक्सरसाइज ही नहीं आयोजित की जाएगी, बल्कि विशाखापट्टनम में सभी देशों के नौसैनिकों की एक भव्य ‘सिटी-परेड’ भी आयोजित की जाएगी. 

भारतीय नौसेना के मुताबिक, इस महीने की 25 तारीख से शुरू होने वाली मिलन एक्सरसाइज दो हिस्सों में होगी. पहला हार्बर फेस होगा जो 25 फरवरी से 28 फरवरी तक होगा और दूसरा चरण समंदर में 1-4 मार्च तक होगा. हार्बर फेस में सभी देशों की नौसेनाएं विशाखापट्टनम में सिटी-परेड में हिस्सा लेने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में हिस्सा लेंगी और नेवल ऑफिसर्स का इंटरेक्शन होगा.

इसके अलावा दो दिन के लिए आगरा और बोधगया का टूर भी शामिल होगा ताकि एक दूसरे की सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदान हो सके. इसके बाद चार दिनों की एक्सरसाइज बंगाल की खाड़ी में होगी. इस साल की मिलन एक्सरसाइज का ध्येय-वाक्य है कमेरडेरिए, कोहिसन एंड कोलैबोरेशन यानि मेल-मिलाप, एकजुटता और सहयोग.

मिलन एक्सरसाइज का ये 11वां संस्करण है. पहली मिलन एक्सरसाइज वर्ष 1995 में हुई थी. उस वक्त भारतीय नौसेना के अलावा चार अन्य देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था. आखिरी मिलन एक्सरसाइज 2018 में हुई थी जिसमें 17 देशों की नौसेनाओं ने हिस्सा लिया था. अभी तक मिलन एक्सरसाइज के सभी संस्करण अंडमान निकोबार में होते आए थे. ये पहली बार है कि सिटी ऑफ डेस्टेनी यानि विशाखापट्टनम में ये युद्धाभ्यास होने जा रहा है. 

मिलन एक्सरसाइज के लिए दिए अपने संदेश में नौसेना प्रमुख, एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि समुद्र एक गोंद की तरह है जो हम सभी देशों की नौसेनाओं को एक पेशेवर समुदाय के रूप में बांध कर रखता है. मिलन-2022 इस बंधन का जश्न मनाने का समय है और सभी मित्र-देशों की नौसेनाओं को एक दूसरे से जोड़ने, सीखने और समुद्री-क्षेत्र में एक दूसरे की सर्वोत्तम कार्यशैली जानने का मौका देता है. 

एडमिरल आर हरि कुमार के मुताबिक, मिलन-2022 में बहुराष्ट्रीय समूह में सीमैनशिप ड्रिल, जटिल ऑपरेशन्ल परिदृश्य, सामरिक युद्धाभ्यास और समुद्र में अभ्यास की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है. नौसेना प्रमुख के मुताबिक, इस दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य हमारे ऑपरेटर्स, मेंटेनर्स, प्लानर्स और सभी प्लान को कार्यंवित करने वाले एक्सक्यूटर्स की कार्यशैली को निखारने और युद्धपोत पर अपनी जिम्मेदारियों और कमांड को संवारने के लिए है. 

आपको बता दें कि इसी महीने की 21 तारीख को विखाखापट्टनम में ही भारतीय नौसेना की प्रेसिडेंट फ्लीट रिव्यू है जिसमें 50 युद्धपोत और 50 ही एयरक्राफ्ट हिस्सा ले रहे हैं.

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