Jammu and Kashmir: अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर के चुनावी निर्वाचन क्षेत्रों को फिर से तैयार करने के लिए भारत सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश के पांच संसद सदस्यों के साथ अपनी दूसरी रिपोर्ट साझा की है. जम्मू-कश्मीर के 90 विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को परिभाषित करने वाली रिपोर्ट को शुक्रवार शाम 7 बजे सांसदों के साथ साझा किया गया.

अधिकारियों ने कहा, “रिपोर्ट जम्मू-कश्मीर के सभी सांसदों को भेज दी गई है.” उन्होंने कहा कि परिसीमन की पूरी प्रक्रिया अगले एक महीने में पूरी होने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, परिसीमन आयोग ने सांसदों से रिपोर्ट पर अपनी आपत्तियां, अगर कोई हो तो प्रस्तुत करने को कहा है. जम्मू कश्मीर के पांच सांसद इस आयोग के सदस्य हैं जिनमें नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीन और बीजेपी के दो सांसद हैं.

सुझावों पर होगा विचार

अधिकारियों ने आगे कहा, “आपत्ति दर्ज करने के बाद, आयोग आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगेगा और इन सुझावों पर विचार करने के लिए विभिन्न स्थानों पर बैठक करेगा.” 20 दिसंबर को, पैनल ने जम्मू-कश्मीर के सांसदों के साथ जिलेवार सीट आवंटन साझा किया. 5 अगस्त, 2019 को राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित होने से पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 87 सीटें थीं जिसमें कश्मीर डिवीजन में 46 सीटें, जम्मू में 37 और लद्दाख क्षेत्र में 4 सीटें थीं.

अपनी रिपोर्ट में, पैनल ने जम्मू संभाग के लिए छह नई सीटों जबकि कश्मीर संभाग में केवल एक सीट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. अगर इसी समीकरण में सीट बड़ी तो कश्मीर में 47 और जम्मू संभाग में 43 पर यह आंकड़ा रुकेगा. हालांकि ये गिनती एक बड़े राजनीतिक विवाद के कारण भी बन सकता है. अभी तक परिसीमन आयोग ने किन आधार पर सीट बढ़ाने का प्रस्ताव किया है यह साफ़ नहीं है. 

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