[ad_1]

Punjab Assembly Elections 2022: पंजाब में बीजेपी हमेशा अकाली दल के छोटे भाई की भूमिका में चुनावी लड़ाई लड़ती रही है. पर इस बार हालात बदले हैं और इस बार बीजेपी कैप्टन की पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के साथ बड़े भाई के तौर पर चुनाव लड़ रही है. पंजाब में चुनाव प्रचार करने पहुंचे राज्यवर्धन सिंह राठौर से एबीपी सांझा के एग्जीक्यूटिव एडिटर जगविंदर पटियाल ने खास मुलाकात की है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने सवालों के जवाब देते हुआ कहा कि पंजाब में ड्रग और रेत माफिया पनप रहे हैं. राठौर ने कहा कि इसमें पंजाब के निवासियों की कोई गलती नहीं बल्कि लीडरशिप की गलती है. माफिया के लिए राजनीतिक नेता जिम्मेदार हैं. राज्यवर्धन सिंह राठौर से जगविंदर पटियाल के सवाल जवाब इस प्रकार रहे.

सवाल- कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब का पौने पांच साल का कार्यकाल देखते रहे हैं और उनको ही बीजेपी ने अपने साथ ले लिया है ?
इस सवाल के जवाब में राठौर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को काम नहीं करने दिया गया. कांग्रेस ने दशकों से देश का बेड़ा गर्क कर दिया है. 

सवाल- क्या आपको लगता है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को और मनमोहन सिंह को काम नहीं करने दिया, पर यहां तो ये कहा जाता है कि कैप्टन ने हाईकमान को पूछते ही नहीं?
जवाब – कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप ने पंजाब में कोई काम नहीं करने दिया. पंजाब में आज जरूरत है उस लीडरशिप की जिसका रिपोर्ट कार्ड ठीक होना चाहिए. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अंदर कोई काम नहीं किया. आप वाले मोहल्ला क्लिनिक की बात करते हैं, लेकिन कोविड में ये सारा फेल हो गया है. 

सवाल- पर आप वाले तो पंजाब में दिल्ली मॉडल बेच कर चुनाव लड़ रहे हैं?
जवाब में राठौर ने कहा कि आप का दिल्ली मॉडल जीरो है. पीएम मोदी एम्पावरमेंट की नीति लेकर आए हैं.

सवाल- किसान अंदोलन के अंदर जो फैसला लिया गया, आपको नहीं लगता कि उसके लेने के लिए देरी कर दी ?
जवाब- किसान अंदोलन के अदंर बहुत से अफसर ऐसे थे कि किसानों को केंद्र के साथ बैठकर बात करने का मौका मिला पर समाधान नहीं हो पाया. आखिर में पीएम मोदी को मैदान में आना पड़ा और समाधान करना पड़ा. हर वक्त कोशिश है कि पंजाब को वापिस मेन स्ट्रीम में लाया जाए.

सवाल- जैसे ही किसान आंदोलन शूरू हुआ बीजेपी को बैक फुट पर जाना पड़ा, अगर किसान अंदोलन न होता तो बीजेपी की स्थिती कुछ और होनी थी पंजाब में?
जवाब- मोदी सरकार किसानों को आगे बढाने के लिए तत्पर है. पंजाब मे लीडरशिप की कमी है. आपने सभी पार्टीयों को देख लिया आपने अभी तक बीजेपी सरकार को नहीं देखा है. पंजाब में हमारी शुरुआत देर से है पर अहम शुरुआत है. 

सवाल- केंद्र सरकार से पंजाब का किसान खुश क्यों नहीं है, क्या आपने कभी इसको समझने की कोशिश नहीं की?
जवाब- केंद्र सरकार ने हर तरह से किसानों के लिए काम किया है चाहे वो कर्ज को लेकर हो, खाद को लेकर हो, जमीन के पानी की समस्या को लेकर हो. लेकिन बात वहीं आ जाती है डिलीवरी की.

सवाल- जब दिल्ली में सरकार पीएम मोदी की थी, पंजाब में कैप्टन की थी, तो अब तो आप कैप्टन से पुछ ही सकते है कि केंद्र सरकार की स्कीम लागू की थी या नहीं?
जवाब- देश के लिए कांग्रेस की लीडरशिप का विरोध मोदी जी से ज्यादा है. विरोध के कारण नुकसान किसान का हो रहा है. कांग्रेस ये समझती है कि पंजाब हमारी जेब में है. ये समझते हैं कि इनको पैसा फैंकेंगे और ये हमारी जेब में है. ये जो खैरात बांट रहे हैं उसकी तरफ पंजाब के लोग नहीं जाएंगे.

सवाल- क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान के लिए पंजाब का ये चुनाव महत्व रखता है?
जवाब- ये पंजाब का चुनाव इतना महत्वपूर्ण हो गया है कि इसमें पाकिस्तान इंवॉलव हो रखा है. हर पंजाबी जानता है कि पंजाब पर पाकिस्तान की टेड़ी नजर रहती है. पंजाब में नशा कहां से आया. कहीं न कहीं तो बाहर की कोई ताकत है जो लगी हुई है.

सवाल- बीएसएफ की जूरिडिक्शन 5० किलोमीटर कर दी गई इसको लेकर आपको क्या लगता है?
जवाब- बीएसएफ का काम बॉर्डर को सिक्योर करने का है. न वो किसी को गिरफ्तार कर सकते हैं न वो कोई जांच कर सकते हैं. आजकल टैक्नोलॉजी आ गई है कि सुरंग बन रही हैं. ड्रोन आ रहे हैं. ये काम मिल जुल कर करने का काम होता है. अगर बीएसएफ जैसी युनीफॉरमड फोर्स पर प्रश्न चिन्ह लगाया जा सकता है तो फिर तो लोकतंत्र का जो फेडरल स्ट्रक्चर है उस पर तो कितने ही प्रश्न चिन्ह लगाए जा सकते हैं. 

सवाल – राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच खाई बढ़ती चली जाती है और ये बढ़ती सियासी लोगों के कारण है?
जवाब- जब खुद का व्यक्तिगत लाभ ही लक्ष्य हो जाता है तो ही ये सारी बाते होती हैं. अगर कोई साफ मन से जनता के लिए काम करना चाहे तो क्या एक टेबल पर बैठ कर काम नहीं हो सकता क्या. लेकिन राजनैतिक लाभ ही सब कुछ हो गया है.

सवाल- क्या चुनाव के बाद अकाली दल के साथ बीजेपी गठजोड़ करेगी?
जवाब- ये सवाल ही नहीं उठता कि गठजोड़ होगा.

सवाल- क्या बीजेपी की मजबूरी थी कैप्टन को अपने साथ लाना?
जवाब- हमारे लिए पंजाब और पंजाबी लोग महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि पंजाब देश की जीडीपी को कहीं ऊपर लेकर जा सकता है. उसके लिए सबसे बेहतर विकल्प कैप्टन है. इस राज्य को वापिस पांव पर खड़ा करना है. कैप्टन को काम करने से पूरी तरह से रोका गया है. 

सवाल- क्या आप कैप्टन साहब को खुलकर काम करने देंगे. अगर आपको मैंडेट मिला तो..
जवाब- बीजेपी के लिए देश सबसे पहले है. ये बड़ी सिंपल विचारधारा है. इसके अंदर करप्शन की कोई जगह नहीं है. हर व्यक्ति को मजबूत करना है. इसके अंदर माफिया का कोई स्कोप नहीं है . 

सवाल- कैप्टन को मुख्यमंत्री बनने देंगे? 
जवाब- ये फैसला पार्लीमैंटरी बोर्ड का है, बडा सोच समझ के फैसला लिया जाता है. 

सवाल- सीएम चन्नी के रिश्तेदारों पर जो ईडी रेड हुई है, कांग्रेस ये कह रही है कि बीजेपी हर राज्य में करती है जहां चुनाव होता है?
जवाब- उल्टा चोर कोतवाल को डांटने वाली बात हो गई. क्या पंजाब मे पैसा चोरी हो रहा है, क्या इसे रोकना है. चन्नी साहब पर जो हो रहा है इस पर फोकस क्यों हो रहा है, क्योंकि पंजाब में चुनाव है. देश में बाकी जगह भी ईडी काम कर रही है, कार्रवाई कर रही है.  सीएम चन्नी जो कह रहे हैं वो चुनाव में अपना बचाव करने के लिए इस से सरल बात और क्या हो सकती है.

सवाल- 2018 की एफआईआर की कार्रवाई अब क्यों, 2019, 2020 में क्यों नहीं की गई कार्रवाई? 
जवाब- एंजेसियों का अपना काम करने का तरीका होता है, जिसके अंदर काफी छानबीन होती है.

सवाल- सीएम चन्नी ने कहा कि पीएम मोदी के दौरे में पीएम को वापस जाना पड़ा इसलिए ये सब रेड हुई?
जवाब- पीएम मोदी की यात्रा के बारे में पंजाब सरकार को पता था. पंजाब सरकार सड़क को सुरक्षित नहीं कर पाए जो कि एक षडयंत्र था. इसकी जांच होनी चाहिए. पीएम मोदी को अपनी सभा तक ही नहीं जाने दिया गया, ये सबसे बड़ी विंडभना है.

सवाल- क्या किसान अंदोलन की वजह से रिश्ते खराब हुए हैं?
जवाब- देश के अंदर जितनी भी योजनाएं हैं वो सारी पहुंच रही थी. एमएसपी की सबसे ज्यादा खरीद पंजाब के अंदर होती है. ये कहना कि पंजाब को कुछ नहीं दिया ये एक सियासी भ्रम है.

सवाल – एमएसपी की गांरटी की कमेटी 15 जनवरी तक बनानी थी पर वो तारीख निकल गई, किसान कह रहे हैं कि हमारे साथ विश्वासघात किया है.
जवाब- एक बात जो तय हो गई किसानों के डेलीगेशन के साथ, वो पीएम मोदी के कार्यकाल में पूरी जरूर होती है. उसके ऊपर चिंतन होगा, चर्चा होगी जो भी समाधान निकलेगा वो जनता के सामने होगा.

सवाल- पंजाब में पीएम मोदी के नाम पर ही वोट मांगा जा रहा है. ऐसा क्यों किया गया है. क्या पीएम मोदी आगे भी यहा पंजाब में आएंगे?
जवाब- पीएम मोदी विकास, विश्वास, एंटी करपशन के एक सिंबल है. आज जनता तक ये मैसेज पहुंचाना कि जो व्यक्ति ये सुविधाएं आप तक पहुंचा सकता है वो पीएम मोदी है.

सवाल- बीजेपी पंजाब के लोगों के लिए ऐसा क्या वादा कर रही है जो लोग बीजेपी को वोट दें?
जवाब- यहां कि जीडीपी 2.8 पर आ गई है. यहां युवा न तो खेलों में आगे बढ रहे हैं न कृषि में आगे बढ रहे हैं. जो विकास पूरे देश में हो रहा है वो विकास पंजाब में होगा. ये विश्वास आज देश मोदी जी में जता रहा है. हम उस विश्वास की पंजाब में भी कामना करते हैं. पंजाब के लोग उस फर्क को देखें. पंजाब हमारे लिए चुनावी राज्य नहीं है. ये हर तरफ से हमारे लिए जरूरी राज्य है.

इसे भी पढ़ेंः
रहें ना रहें हम, महका करेंगे: चली गईं सबकी लता दीदी, महानायक बोले अब स्वर्ग में गूंजेगी उनकी मधुर आवाज

Lata Mangeshkar last Post: लता मंगेशकर ने आखिरी बार पोस्ट किया था ये वीडियो, पिता को याद कर हुईं थीं इमोशनल

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.