मालेगांव ब्लास्ट मामले (Malegaon Blast Case 2008)  में आज एक और गवाह अपने बयान से मुकर गया. मुंबई की विशेष NIA अदालत में गवाह ने कहा कि ATS के अधिकारी मुझपर लगातार दबाव बना रहे थे. मेरे साथ हाथापाई की गई और मुझे मारा गया. मुझ पर बंदूक रख कर मारने की धमकी दी गई.

बता दें कि मालेगांव ब्लास्ट मामले (Malegaon Blast Case) में ATS ने कुल 226 लोगों का बयान दर्ज किया था, जिसमें से 17 गवाह अब तक अपने बयान से पलट चुके हैं. गुरुवार को गवाह ने जज के सामने बताया, ”मैंने ATS पर कोई बयान नहीं दिया. 3 से 4 दिन मुझे कब्जे में रखा गया और टॉर्चर किया गया. एटीएस अधिकारी ने मुझे कहा कि आप हमले के मामले में आरएसएस (RSS) के लोगों का नाम लें और नहीं लेने पर धमकी दी.”

यहां तक की ATS के अधिकारी ने कहा कि अगर तुमने इस बारे में किसी से जिक्र किया तो तुम्हें दुबारा परेशान किया जाएगा.

मालेगांव (Malegaon) के मस्जिद में हुए विस्फोट में छह लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इस मामले में भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर भी आरोपी हैं. इस मामले की जांच शुरुआत में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसे बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया था.

पिछले दिनों अभियोजन पक्ष के गवाहों के पलट जाने पर संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री वल्से पाटिल ने कहा था कि एटीएस सुनवाई में शामिल होगी.

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