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Rahul Gandhi On China-Pakista: राहुल गांधी के बुधवार को संसद में चीन-पाकिस्तान पर दिए बयान के बाद एक तरफ जहां शिवसेना समेत कुछ विपक्षी दलों समर्थन किया तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सांसदों और मंत्रियों ने उनकी कड़ी आलोचना की. केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राहुल गांधी के सारे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है. उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार गरीबों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है और चीन और पाकिस्तान को सबक सिखा रही है. जबकि, राहुल के बयान पर बीजेपी सांसद और प्रवक्ता जफर इस्लाम ने बातचीत में कहा क्योंकि कांग्रेस साफ हो रही है इस वजह से राहुल की बौखलाहट है ऐसा लग रहा था कि राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं कर रहे बल्कि राजनीतिक रैली को संबोधित कर रहे हैं.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया राहुल का समर्थन

इधर, राज्यसभआ में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़ग ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया. जयशंकर की तरफ से राहुल के बयान पर उठाए गए सवाल के जवाब में खड़गे ने कहा- जयशंकर सरकार में रहने से पहले सेवा में थे, उन्होंने तब भी ऐसा कुछ नहीं कहा. यह विपक्षी कि जिम्मेदारी है कि वे खामियों को उजागर करे. खड़गे ने आगे कहा कि राहुल गांधी को 2 भारतीय का मतलब है- एक अमीरों के लिए और दूसरा गरीबों के लिए. यह खाई बढ़ती जा रही है. इसे घटाने का कोई प्रावधान नहीं है. एक तरफ देश की 30 फीसदी संपत्ति का देश के 100 लोग मालिक है.

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चीन-पाक पर क्या बोले राहुल गांधी?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि देश को ‘शहंशाह’ की तरह चलाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने इस सरकार की नीतियों के चलते आज देश आंतरिक एवं बाहरी मोर्चों पर ‘बड़े खतरे’ का सामना कर रहा है. संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि केंद्र सरकार की नीति के कारण ही आज चीन एवं पाकिस्तान एक साथ आ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में दो हिंदुस्तान बन गए हैं जिनमें से एक अमीरों और दूसरा गरीबों के लिए है. राहुल गांधी ने यह दावा भी किया कि देश के सामने खड़ी प्रमुख चुनौतियों का अभिभाषण में उल्लेख नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘‘इस देश के दो नजरिये हैं. एक नजरिया यह है कि देश राज्यों का संघ है जिसका मतलब है कि संवाद होगा…आप भारत में शासन करने वाले किसी साम्राज्य को देख लीजिए. आप अशोक महान को देख लें, मौर्य वंश को देख लें, आप यह पाएंगे कि आपसी संवाद के जरिये शासन किया गया.’’ राहुल ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार विभिन्न राज्यों की आवाज दबा रही है, लेकिन उसे इसका आभास नहीं है कि देश के ‘संस्थागत ढांचे’ पर हमले की प्रतिक्रिया हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे परनाना (जवाहरलाल नेहरू) इस राष्ट्र को बनाने के लिए ही 15 साल तक जेल में रहे, मेरी दादी (इंदिरा गांधी) को 32 गोलियां मारी गईं और मेरे पिता (राजीव गांधी) को विस्फोट से उड़ा दिया गया इन्होंने इस राष्ट्र को बनाने के लिए अपनी कुर्बानी दी। इसलिए मैं थोड़ा बहुत जानता हूं कि राष्ट्र क्या है.’’

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विदेश मंत्री का पलटवार

जयशंकर ने कहा, ‘राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि इस सरकार के कारण पाकिस्तान और चीन एकजुट हो गए हैं. कुछ ऐतिहासिक सबक इस प्रकार हैं: 1963 में, पाकिस्तान ने अवैध रूप से शक्सगाम घाटी को चीन को सौंप दिया ; चीन ने 1970 के दशक में पीओके के रास्ते से काराकोरम राजमार्ग का निर्माण किया.’ विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच 1970 के दशक से घनिष्ठ परमाणु सहयोग भी रहा है. उन्होंने कहा, ‘2013 में, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा शुरू हुआ. तो, अपने आप से पूछें: क्या चीन और पाकिस्तान तब दूर थे?’

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