कांग्रेस सचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने 9 फरवरी, दोपहर 1:30 बजे अपना घोषणा पत्र ‘उन्नति विधान’ जारी किया। जिसे उन्होंने ‘कोई कहता है गर्मी निकाल देंगे, कोई कहता है चर्बी निकाल देंगे, अगर निकालना ही है तो भर्ती निकालो क्योंकि युवा बेरोजगार हैं’ के उद्घोषण के साथ शुरू किया। 40 पन्नों के इस घोषणा पत्र में कांग्रेस ने 279 वादे किए हैं। कांग्रेस के इन वादों में से हमने 5 ऐसे वादे लिए हैं जो पंजाब, छत्तीसगढ़ या राजस्थान में कांग्रेस सरकार खुद ही पूरे नहीं कर पाई।

वादा 1: बीस लाख सरकारी नौकरी, 8 लाख पद महिलाओं के लिए
घोषणा पत्र के 10 वें पेज पर कांग्रेस ने लिखा कि रोजगार को लेकर मौजूदा सरकार का काम बहुत खराब रहा। प्रियंका गांधी ने वादा किया कि कांग्रेस सरकार आएगी तो 20 लाख युवाओं को रोजगार देगी। इसमें 8 लाख नौकरियां महिलाओं को दी जाएंगी। जबकि राजस्थान आज बेरोजगारी के मामले में दूसरे नंबर पर है।

17 दिसंबर 2018 को अशोक गहलोत राजस्थान के सीएम बने। दिसम्बर 2018 में राजस्थान की बेरोजगारी दर 5.8% थी जो कि जनवरी 2022 में 13% बढ़कर 18.9% हो गई। हरियाणा के बाद राजस्थान की बेरोजगारी दर देश में सबसे ज्यादा है। वहीं महिला बेरोजगारी दर 65% है। इस मामले में देश में हरियाणा और जम्मू कश्मीर के बाद राजस्थान तीसरे नंबर पर है।

2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने घर-घर रोजगार देने का वादा किया था। इससे चुनाव में युवाओं का उसे खूब सपोर्ट मिला और 16 मार्च 2017 को कांग्रेस सत्ता में आई। उसके बाद ये सारे वादे हवा हो गए।
यूपी में कांग्रेस ने 20 लाख नौकरियां देने का वादा किया है पर पंजाब में 1 करोड़ 62 लाख युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।CMIE के आंकड़ों के हिसाब से मार्च 2017 में पंजाब की बेरोजगारी दर 2.6% थी जो कि जनवरी 2022 में बढ़कर 9% हो गई।

17 दिसंबर 2018 को भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के सीएम बने। उस वक्त प्रदेश की बेरोजगारी दर 4.7 % थी जो कि घटकर अब 3% हो गई है। मतलब बेरोजगारी कम हुई है।

वादा 2: बिजली बिल हाफ,कोरोना काल का माफ
घोषणा पत्र के 5 वें पेज पर कांग्रेस ने अपनी प्रतिज्ञाओं में बताया कि उनकी सरकार आई तो बिजली का बिल आधा ही देना होगा और कोरोना के समय का पूरा बिल माफ कर दिया जाएगा। जबकि हकिकत ये है कि आज राजस्थान बिजली बिल बढ़ाने में नंबर 1 है। यहां 100 यूनिट तक बिजली का बिल आने पर 6.10 रुपए पर यूनिट चार्ज किए जाते हैं। जो कि देश में सबसे ज्यादा है।

पंजाब की हकीकत: पूरा बिजली बिल माफ नहीं

मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी ने सितम्बर 2021 तक 2 किलोवॉट बिजली यूज करने वाले लोगों का बिल माफ करने का ऐलान किया था। बिल माफ हुआ भी पर बस जुलाई तक का।

छत्तीसगढ़ की हकीकत: कोरोना में भी बढ़ा दिया बिजली का बिल

यूपी में वोट पाने के लिए कांग्रेस ने घोषणा पत्र में बिजली बिल माफ करने का वादा किया है पर जहां उनकी सरकार है वहां इसी बिल से लोग परेशान हैं। अगस्त 2021 में जब लोगों पहले से ही कोरोना का खामियाजा भुगत रहे थे तब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने बिजली का बिल 5.93 रुपए पर यूनिट से 6.41 रुपए पर यूनिट हो गई।

वादा 3: कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स को 50 लाख रुपए का मुआवजा
घोषणा पत्र के 18 वें पेज पर कांग्रेस ने लिखा कि कोरोना से जान गंवाने वालों को केंद्र सरकार ने 50 लाख का मुआवजा नहीं दिया। कांग्रेस सरकार आएगी तो सभी परिवारों को मुआवजा देगी।

नवम्बर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से मौत के मामलों में पीड़ितों को मुआवजा न देने पर राजस्थान सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट से पीड़ितों को मुआवजा देने के मामले में राजस्थान को पूरे देश में सबसे पीछे बताया था।

सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिख कोविड से मरने वाले लोगों के परिवारों को 4 लाख रूपए देने का आग्रह किया। वहीं मुआवजे का 25% यानी 50 हजार रूपए खुद देने का ऐलान किया।

प्रदेश में नवम्बर 2021 से कोविड से मरने वालों के परिवार को 50 हजार मुआवजा देने की शुरुवात हो गई है।

वादा 4: आवारा पशुओं से निपटने के लिए योजनाएं लाएंगे
घोषणा पत्र के 8 वें पेज पर कांग्रेस ने लिखा कि यूपी में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले 12 लाख से ज्यादा आवारा जानवर हैं। इस परेशानी से निपटने में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह नाकाम रही। कांग्रेस की सरकार आएगी तो जंगली जानवरों की वजह से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पर एकड़ 3 हजार रुपए देगी। जो भी आवारा जानवर गौशाला में रखे जाएंगे उनकी देख रेख के लिए हर जानवर पर 500 रुपए दिया जाएगा।
जबकि हकीकत ये है कि देशभर में सबसे ज्यादा आवारा जानवर यहीं है।

पशुपालन और डेयरी विभाग की दिसम्बर 2021 में आई एक रिपोर्ट के हिसाब से 50.21 लाख आवारा जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा 12.72 लाख राजस्थान में हैं, जबकि 11.84 लाख जानवरों के साथ यूपी दूसरे नंबर पर है।

पंजाब की हकीकत: 4 साल में 400 मौत

2014 – 2018 के बीच सड़क पर आवारा जानवरों की वजह से हुए एक्सीडेंट्स में 400 लोगों की मौत हो चुकी है। पर अब भी पंजाब में करीब 2.5 लाख जानवर आवारा घूम रहे हैं। इनको नियंत्रित करने में सरकार की कोई योजना काम नहीं आ रही।

आवारा जानवरों पर काबू पाने के लिए सरकार ने ‘रोका छेंका योजना 2020’ चलाई, जो एक सफल योजना मानी जाती है।

वादा 5: शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा
घोषणा पत्र के 21 वें पेज पर कांग्रेस ने लिखा कि यूपी में शिक्षकों को उनकी सैलरी, काम करने की स्थिति को लेकर बीते सालों में कई प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ा। कांग्रेस की सरकार आई तो शिक्षकों के 2 लाख खाली पदों को भरा जाएगा। नवम्बर 2020 में शिक्षकों के 63 हजार 950 पद खाली पड़े थे। दिसंबर में ये आंकड़ा बढ़कर 65 हजार 545 पहुंच गया। भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई पर अबतक पूरी नहीं की गई है।

पंजाब की हकीकत: चुनाव आते ही निकाली वेकन्सी

नवम्बर 2021 में एक सर्वे के मुताबिक पंजाब में हर 161 बच्चों को पढ़ने के लिए बस 1 टीचर है। जबकि न्यू एजुकेशन पॉलिसी में हर 30 बच्चे पर 1 टीचर होना जरुरी है। प्रदेश में 15-18 सालों से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे टीचर्स को परमानेंट नहीं किया गया है। हालांकि चुनाव करीब आते ही सरकार ने जनवरी में 4754 शिक्षक पदों पर वेकन्सी निकाल दी है।

छत्तीसगढ़ की हकीकत: 3 साल से नहीं पूरी हुई भर्तियां

छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षकों के 51 हजार 830 पद खाली पड़े हैं। प्रदेश के हजारों सरकारी स्कूल सिंगल टीचर के भरोसे चल रहे हैं। 2019 में 14 हजार 580 शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी पर 3 हजार शिक्षकों की भर्ती अबतक पूरी नहीं हो पाई है।

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