कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन फीस देने पर डिजिटल इंडिया वाई-फाई नेटवर्क के तहत टॉवर लगवाये जा रहे हैं। वायरल मैसेज में आगे कहा गया है कि टावर लगावाने के बदले पक्की नौकरी और किराया दिया जाएगा। इसके साथ ही इस मैसेजे में इस योजना का लाभ लेने के लिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं।

जब ये मैसेज असली न्यूज़ टीम को प्राप्त हुआ तो हमने इसकी पड़ताल की जिसमें हमने पाया कि यह एक नकली दावा है। भारत सरकार ने ऐसा कोई सन्देश जारी नहीं किया है। गौरतलब है कि सोशल मीडिया में ऐसी कई खबरें वायरल हो रही हैं, जो लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा कर रही हैं। आप सभी से अनुरोध है कि कृपया ऐसे किसी मैसेज पर ध्यान न दें।

गौरतलब है कि ‘डिजिटल इंडिया’ के लेटरहेड के साथ वायरल हो रहे एक समझौते वाले पत्र में दावा किया जा रहा है कि “पत्र डिजिटल इंडिया वाई-फाई नेटवर्क द्वारा भेजा गया है। यह आपको सूचित करने के लिए है कि मोबाइल टावर स्थापित करने के लिए आपकी भूमि का सर्वेक्षण किया गया है। मोबाइल टावर के जगह के लिए आपको 30 लाख रुपये दिया जाएगा और इसके साथ 20 साल का करार मिलेगा।’ इतना ही नहीं मोबाइल टावर की देखरेख के लिए आपको नौकरी मिलेगी, जिसकी सैलरी 25000 रुपए प्रतिमाह होगी। इसके लिए आपको 10वीं पास होना अनिवार्य है। इसके बाद लोगों से आवेदन शुल्क के रूप में 670 रुपये जमा करने की बात कही गई है।

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