केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के रोहिंग्‍या शरणार्थी को लेकर ट्वीट किया था। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें एक व्यक्ति को एक टूटी हुई चारपाई पर बैठे देखा जा सकता है। वायरल तस्वीर में इस व्यक्ति के आस पास काफी सारे बच्चे हैं। इस व्यक्ति के पास एक स्मार्टफ़ोन भी है।

वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि यह व्यक्ति एक रोहिंग्या रिफ्यूजी है और इसके पास खाने और पहनने के लिए कपड़े नहीं हैं, लेकिन तीन बीवियां, 8 बच्‍चे और एक स्मार्टफोन हैं।

असली न्यूज़ टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो हमने पाया कि वायरल पोस्ट फर्जी है। इस तस्वीर को खींचने वाले फोटोजर्नलिस्ट ने बताया कि वायरल दावा गलत है और तस्‍वीर में दिख रहे बच्चे इस व्यक्ति के नहीं थे और न ही उसके हाथ वाला मोबाइल फ़ोन उसका था।

वायरल पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह तस्‍वीर सबसे पहली बार news18 की एक खबर में मिली, जिसे 15 अप्रैल 2018 को फाइल किया गया था। तस्‍वीर के साथ दी गयी जानकारी के अनुसार, इस फोटो को देबायन रॉय ने क्लिक किया था। खबर दिल्ली की एक स्लम बस्ती में आग लगने को लेकर थी। खबर के अनुसार, 15 अप्रैल 2018 को दिल्‍ली के मदनपुर खादर में रोहिंग्‍या शरणार्थी कैंप में अचानक से आग लगने से कई लोग झुलस गए थे। उसमें आदमियों से लेकर औरतें और बच्‍चे तक शामिल थे। खबर में कहीं भी वायरल पोस्‍ट के दावे से जुड़ी कोई भी बात नहीं मिली।

अतः हमारी पड़ताल में पता चला कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा गलत है। दरअसल यह वीडियो देबायन रॉय ने खींची थी जब वे 2018 में दिल्ली के मदनपुर खादर में स्लम बस्ती में लगी आग कवर करने गए थे। उन्होंने बताया कि तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति एक रोहिंग्या था। उसके 3 बीवी और 8 बच्चे होने का दावा गलत है। यहाँ तक कि उसके हाथ में लगा फ़ोन भी उसका नहीं, बल्कि उनकी मदद के लिए आये एक वॉलन्टियर का था। “

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