देश के अलग-अलग हिस्सों से बीते कुछ दिनों में बच्चा चोरी के शक में भिक्षा मांगकर जीवन यापन करने वाले साधुओं और अन्य लोगों की पिटाई के मामले तेजी से सामने आए हैं। चारों साधु उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं। ये सभी लोग बीजापुर से पंढरपुर दर्शन के लिए जा रहे थे। पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, बाकियों की तलाश जारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, ये मामला महाराष्ट्र के सांगली जिले की जत तहसील के लवंगा गांव का है। उत्तर प्रदेश के मथुरा के कुछ साधु एक चार पहिया वाहन से कर्नाटक देव दर्शन के लिए गए थे। इसके बाद वह सड़क मार्ग से पंढरपुर के लिए जाने वाले थे। साधुओं ने गांव में ही रात बिताई और सुबह यहां से वह पंढरपुर जाने के लिए एक बच्चे से रास्ता पूछने लगे।

साधुओं पर हमलों की खबर लगातार बढ़ती जा रही है। ये कोई पहली बार नहीं है जब साधुओं पर ऐसे हमला किया गया हो 2 साल पहले पहले भी महाराष्ट्र के पालघर में भी भीड़ ने 2 साधुओं की पीट पीट कर हत्या कर दी थी। 16 अप्रैल 2020 की रात 70 साल के कल्पवृक्ष गिरी, सुशील गिरी (35) अपने ड्राइवर नीलेश तेलगाडे (30) के साथ ओमिनी वैन से सूरत जा रहे थे, जब पालघर से 100 किलोमीटर दूर स्थित गढ़चिंचले गांव में भीड़ ने उन्हें बाहर खींच लिया था। इसके बाद, उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

पालघर में साधुओं की लिंचिंग के बाद मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि आदिवासी इलाकों में हिंदू संतों के खिलाफ एक हवा बनाई गई और इसी कारण संतों की मॉब लिंचिंग हुई। उस साजिश में ईसाई मिशनरियों के हाथ होने के भी संकेत मिले थे।

इस घटना में पुलिस का कहना है कि साधुओं के साथ मारपीट की गई लेकिन साधु इस मामले में बिना कोई शिकायत दर्ज कराए ही अपने गंतव्य की ओर चले गए। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद इन साधुओं का इलाज कराया गया था। हालांकि, जिले के एसपी ने कहा कि वायरल वीडियो के संबंध जांच की जाएगी।

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