उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा है कि वह एक बार फिर यूपी की सीएम और आगे चलकर देश की पीएम बनना चाहती हैं, लेकिन राष्ट्रपति का पद उन्हें मंजूर नहीं है।

मायावती की यह टिप्पणी यादव द्वारा मैनपुरी में कहे जाने के एक दिन बाद आई है कि “बसपा ने उत्तर प्रदेश चुनावों में अपने वोट भाजपा को हस्तांतरित कर दिए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा बदले में मायावती को अध्यक्ष बनाती है या नहीं।

बसपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी इस पद पर नियुक्त होने का सपना नहीं देखा था। “मैंने कभी देश का राष्ट्रपति बनने का सपना नहीं देखा था। मैं बस इतना जानता हूं कि मैं जो काम दलितों को उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए कर रहा हूं, वह सीएम और पीएम बनने से हो सकता है लेकिन राष्ट्रपति नहीं और इसलिए समाजवादी पार्टी को इसे भूल जाना चाहिए, मायावती ने यहां संवाददाताओं से कहा। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सपा नेता मुझे देश का राष्ट्रपति बनाने का सपना देख रहे हैं ताकि उनके लिए उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके।

बसपा प्रमुख ने कहा, ”सपा के लोग मुझे राष्ट्रपति बनाने का जो सपना देख रहे हैं वह भूल जाना चाहिए। ये ऐसा इसलिए चाहते हैं ताकि उनके लिए यूपी का सीएम बनने का रास्ता साफ हो जाए, जोकि संभव नहीं। यूपी के मुसलमानों और यादवों ने भी अपना वोट देकर भी देख लिया है, कई पार्टियों से गठबंधन करके भी देख लिया फिर भी सपा सरकार नहीं बना पाई। इसलिए अब फिर से ये लोग बसपा की सरकार बनाएंगे।”

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