सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेज़ी से वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि फोर्ब्स की सूची में भारत को एशिया का सर्वाधिक भ्रष्ट देश बताया गया है।

जब हमने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा भ्रामक है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स 2021 के मुताबिक, एशिया-प्रशांत के तीन सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में कंबोडिया, अफगानिस्तान और उत्तर कोरिया शामिल हैं। वहीं, फोर्ब्स की जो सूची वायरल हो रही है जिसमें भारत को सबसे देश बताया जा रहा है। वह 2017 में जारी हुई रिपोर्ट की है, जो 2016 में देशों की रैकिंग से संबंधित थीं।

एक फेसबुक यूजर ‘All India advocates & judges’ ने अखबार की क्लिप (आर्काइव लिंक) को शेयर किया है, जिसकी हेडलाइन है, ”फोर्ब्स की सूची में भारत एशिया का सबसे भ्रष्ट देश।”

इस की-वर्ड को सर्च करने पर हमें नई दुनिया की वेबसाइट पर एक सितंबर 2017 को प्रकाशित एक खबर मिली। जिसके मुताबिक, ‘ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल के हालिया सर्वे के अनुसार भारत, एशिया का सबसे भ्रष्ट देश है। फोर्ब्स द्वारा जारी लिस्ट में एशिया के पांच सबसे ज्यादा भ्रष्ट देशों के नाम हैं। इसके रिपोर्ट के अनुसार, घूसखोरी के मामले में भारत ने वियतनाम, पाकिस्तान और म्यांमार को भी इस मामले में पीछे छोड़ दिया है।’

फोर्ब्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 2017 में इस रिपोर्ट को शेयर किया गया है, जिसमें भारत, वियतनाम और थाईलैंड को एशिया का सर्वाधिक भ्रष्ट देश बताया गया है।

 

रिपोर्ट से साफ है कि यह खबर 2017 की है, जिसे हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है। गौरतलब है कि ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल हर साल के लिए करप्शन परसेप्शन इंडेक्स (सीपीआई) को जारी करता है, जिसमें सीपीआई स्कोर के साथ दुनिया के देशों की रैंकिंग तय की जाती है।

स्पष्ट है कि एशिया के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों की सूची में भारत के सबसे ऊपर होने के दावे के साथ वायरल हो रही खबर 2017 की है, जिसमें 2016 की रैकिंग तय की गई थी।

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