भारत के कई हिस्सों में में गौ वंश लम्पी स्किन रोग नामक का शिकार हो रहे हैं। इस रोग से पीड़ित गौ वंश को बुखार आते हैं। बाद में उनके शरीर पर धब्बे पड़ने लगते हैं। इस इंफेक्शन से मरने वाले गौवंश की संख्या बढ़कर 7964 हो गई है। प्रदेश में 1 लाख 58 हज़ार 75 पशु सरकारी रिकॉर्ड में इससे संक्रमित हैं । जिनमें से 1 लाख 28 हज़ार 828 का इलाज किया जा रहा है। 53 हज़ार 644 गौवंश अब तक बीमारी से रिकवर हो सके हैं । जयपुर में संक्रमित पशुओं की संख्या बढ़कर 196 हो गई है, जबकि अब तक 18 गौवंश की मौत रिकॉर्ड की गई है।

इस बीमारी का सबसे अधिक प्रकोप राजस्थान में दिखाई दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पर चिंता जताई है और केंद्र की मोदी सरकार से सहायता की माँग की है। एक गौशाला सम्भालने वाले श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट ने CM अशोक गहलोत और हेरिटेज नगर निगम जयपुर के कमिश्नर को लैटर लिखा है कि पेमेंट नहीं मिलने पर अगर किसी भी तरह की अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी हेरिटेज नगर निगम की होगी। जयपुर हेरिटेज निगम कश्मिर को लिखित में 7 दिन का अल्टीमेटम भी दे दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अशोक गहलोत ने बताया कि गौ वंश को लम्पी रोग से बचाने के लिए राज्य सरकार सभी प्रयास कर रही है। उन्होंने पशुधन को किसानों की जीवन रेखा बताया। केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता की माँग के साथ गहलोत ने गौशाला चलाने वालों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से इस बीमारी को रोकने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक लंपी स्किन एक वायरल बीमारी है। इसका कोई सटीक इलाज नहीं है। यह मछर की कुछ प्रजातियों और खून चूसने वाले कीड़ों के काटने से फ़ैल रहा है। एक पशु से दूसरे पशु में यह तेजी से फैलता है। पशु डॉक्टर इस रोग का इलाज लक्षणों के आधार पर करते हैं। बीमारी द्वारा पशुओं के अधिक नुकसान होने पर पशुओं की मौत भी हो जाती है।

 

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