पिछले सप्ताह केरल में एक विरोध मार्च का एक वीडियो इस दावे के साथ वायरल हुआ है कि अलाप्पुझा जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्त हुए आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन को मुस्लिमों के विरोध के बाद इस पद से हटा दिया गया है। एक विशेष समूह अलाप्पुझा के नए “हिन्दू” जिला कलेक्टर की नियुक्ति का विरोध कर रहा है। संगठनों के विरोध के आगे घुटने टेकते हुए अब उन्हें नागरिक आपूर्ति निगम का महाप्रबंधक नियुक्त किया है।

वायरल वीडियो का दवा सही है। वीडियो वायरल होने के बाद फैक्ट चेक के नाम पर फेक न्यूज़ फ़ैलाने वाले ऑल्ट न्यूज़ ने इस मामले को अलग एंगल देने की कोशिश की। और लोगों को गुमराह करते हुए उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन की अलाप्पुझा जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्ति के खिलाफ था क्योंकि वह कथित रूप से अतीत में एक नशे में ड्राइविंग दुर्घटना में शामिल थे, जिसके परिणामस्वरूप एक पत्रकार की मौत हो गई थी।

बता दें कि केरल में श्रीराम वेंकटरमन को विरोध का सामना इस लिए करना पड़ा क्यूंकि वो एक हिन्दू है और उनका नाम श्रीराम है। उनकी नियुक्ति के बाद उनके विरोध में हजारों मुस्लिमों ने मार्च निकालते हुए उनकी नियुक्ति रद्द करने की माँग की। जिसके बाद केरल में भारी विरोध के कारण पिनराई विजयन सरकार ने घुटने तक दिए हैं। और उन्हें उनके पद से हटा दिया है। यह प्रदर्शन श्रीराम वेंकटरमण की अलाप्पुझा जिला कलेक्टर के रूप में नियुक्ति के खिलाफ शनिवार, 30 जुलाई, 2022 को तिरुवनंतपुरम में राज्य सचिवालय और सभी जिला कलेक्ट्रेट के सामने शुरू हुआ था।

हिन्दुस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जिला कलेक्टर को उनके पद से सिर्फ इसलिए हटाया गया है क्योंकि आबादी के एक वर्ग ने उनका विरोध किया था। यह खुद को बहुप्रशंसित धर्मनिरपेक्ष कहने वाले राज्य केरल में हुआ है। CM पिनराई विजयन ने एक विशेष समुदाय के सामने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है।

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