सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी प्रधानमंत्री की आलोचना कर रहे हैं। 2.12 मिनट के इस वीडियो में नितिन गडकरी कह रहे हैं कि इस देश में भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के खिलाफ आंदोलन करना जनता और विपक्ष का अधिकार है। यह अधिकार कांग्रेस या प्रधानमंत्री ने लोगों को नहीं दिया है। यह अधिकार हमारे संविधान में है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि लोगों को शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं करना चाहिए। इसको लेकर प्रधानमंत्री को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। सरकार जिस तरह से काम कर रही है और प्रधानमंत्री ने जो बयान दिया है, ये पूरी तरह लोकतंत्र के विरोध में है। हिंदुस्तान की जनता इसका कभी समर्थन नहीं कर सकती। प्रधानमंत्री इसी तरह से अगर देश चलाना चाहते हैं तो देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।‘

इस वीडियो को शेयर कर यूजर्स दावा कर रहे हैं कि नितिन गडकरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हैं। सरकार के मंत्री नितिन गडकरी अपनी ही सरकार के खिलाफ खड़े हो गए है।

हमनें पड़ताल में पाया कि यूजर्स नितिन गडकरी के जिस वीडियो को शेयर कर रहे है वो अगस्त 2011 का है। उस समय देश में कांग्रेस सरकार थी और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। अन्ना हजारे उन दिनों सरकार के खिलाफ अनसन कर रहे थे। जिस पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर नितिन गडकरी ने यह प्रतिक्रिया दी थी। नितिन गडकरी की वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

वायरल वीडियो में वीडियो का पूरा भाग नहीं दिखाया गया। पूरा वीडियो यहाँ देखें

 

 

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