पंजाबी गायक सिद्धू मूस वाला की हत्या के सिलसिले में उत्तराखंड और पंजाब पुलिस ने देहरादून में एक संयुक्त छापे में छह लोगों को हिरासत में लिया, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे हत्या में शामिल थे। एक सूत्र ने बताया कि मामले को लेकर पंजाब पुलिस की टीम देहरादून में है।

दरअसल सिद्धू मूसेवाला रविवार शाम अपने चचेरे भाई व दो साथियों के साथ अपनी थार गाड़ी से जा रहे थे। तभी एक गाड़ी उनकी गाड़ी के सामने आकर रुकी और उसमें से उतरे अज्ञात लोगों ने गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियों के चलने की आवाज सुनकर गांव में दहशत का माहौल हो गया।

पंजाब पुलिस ने पंजाबी गायक की हत्या के मामले में देहरादून के पेलियन पुलिस चौकी इलाके से छह संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सूत्रों ने कहा कि संदिग्धों में से एक तीर्थयात्रियों के बीच छिपा हुआ पाया गया।

सूत्र ने कहा, “उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मामले में गिरफ्तारी की संभावना है।” सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा में कटौती के 24 घंटे से भी कम समय में, 29 वर्षीय मूस वाला की रविवार को दिनदहाड़े मनसा में उनके पैतृक गांव के पास गैंगस्टरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

बताया जा रहा है कि आरोपितों ने मूसेवाला की हत्या करने वाले आरोपितों का सहयोग दिया था और घटना के बाद देहरादून पहुंच गए थे। पंजाब की एसटीएफ को सूचना मिली की आरोपित देहरादून में हैं तो पंजाब की एसटीएफ ने उत्तराखंड की एसटीएफ से संपर्क किया।

मान ने कहा कि राज्य सरकार इस जांच आयोग के साथ पूरा सहयोग सुनिश्चित करेगी, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को शामिल करना शामिल है। उन्होंने आगे पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को घटना के बारे में कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बारे में स्पष्टीकरण जारी करने के लिए कहा।

सिद्धू मूस वाला की जघन्य हत्या की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार इस जघन्य अपराध के अपराधियों को सलाखों के पीछे डालने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

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