जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा काट चुके पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में कोर्ट ने चार साल की सजा का फैसला सुनाया है। साथ ही 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने ओम प्रकाश चौटाला की 4 संपत्तियां जब्त करने का भी आदेश दिया है। ये संपत्तियां हेली रोड, पंचकूला, गुरुग्राम और असोला में हैं।

इससे पहले गुरुवार को ओम प्रकाश चौटाला की सजा पर बहस हुई थी। इस दौरान सीबीआई के वकील ने चौटाला की बीमारी और विकलांगता की दलीलों का विरोध करते हुए कहा था कि खराब स्वास्थ्य का इलाज कराया जाना चाहिए, लेकिन अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।

सीबीआई ने कहा था कि आम लोगों में उचित संदेश देने के लिए अधिकतम सजा जरूरी है. सीबीआई के वकील ने कहा था, भ्रष्टाचार समाज के लिए कैंसर के समान है, भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट को ऐसी सजा देनी चाहिए जिससे समाज में मिसाल दिया जा सके।

बता दें कि मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अर्थशोधन निवारण अधिनियम-2002 (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई करते हुए 4 दिसंबर 2019 को डबवाली के गांव तेजाखेड़ा में स्थित फार्म हाऊस में पूर्व मुख्यमंत्री के हिस्से में आने वाले भाग को सीज कर दिया था। ईडी ने 198 कनाल 15 मरला भूमि समेत उपरोक्त आवासीय क्षेत्र को अटैच किया था।

चौटाला 5 लाख रुपए अलग से CBI को देने होंगे। 5 लाख न देने पर 6 महीने की और सजा हो सकती है। अदालत ने कोर्ट रूम से ही चौटाला को हिरासत में लेने का आदेश दिया। चौटाला की तरफ से इस मामले में अपील फाइल करने के लिए 10 दिन का समय मांगा गया। इस पर जज ने कहा कि आप हाई कोर्ट जाइए।

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