सोशल मीडिया पर बाढ़ से सम्बंधित एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें एक बाढ़ग्रस्त जगह पर एक महिला को पानी में तैरते लकड़ी की पटरी के ऊपर खाना पकाते देखा जा सकता है। पोस्ट में इस तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि यह भारत की है।

जब वायरल तस्वीर की पड़ताल असली न्यूज़ टीम ने की तो पाया कि यह दावा गलत है। असल में यह तस्वीर बांग्लादेश की है।

सच जानने के लिए सबसे पहले हमने हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज के ज़रिये सर्च किया। हमें यह तस्वीर daily-sun.com पर 2017 की एक खबर में मिली। खबर के अनुसार तस्वीर बांग्लादेश में आयी बाढ़ की थी।

आगे पड़ताल करते हुए हमें यह तस्वीर एक और बांग्लादेशी न्यूज़ वेबसाइट thefinancialexpress.com.bd पर भी 2017 में पब्लिश हुई खबर में मिली। यहाँ भी इसे बांग्लादेश का ही बताया गया था। यहाँ दी गयी जानकारी के मुताबिक, इस तस्वीर को शमसुल हक सुजा नाम के फोटोजर्नलिस्ट ने खींचा था। ढूंढ़ने पर हमें पता चला कि शमसुल हक सुजा एक बांग्लादेशी फोटोजर्नलिस्ट हैं।

हमने इस विषय में इस तस्वीर को खींचने वाले फोटोग्राफर शमसुल हक सुजा से भी संपर्क साधा। उन्होंने हमें बताया, “मैंने यह तस्वीर 19/7/2016 को बांग्लादेश के कुरीग्राम जिला के बेगमगंज में खींची थी। उस समय मैं बांग्लादेश के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में आयी बाढ़ के बारे में कहानी को कवर करने के लिए एक असाइनमेंट पर था। मुझे एक परिवार मिला, जो एक लकड़ी के बेड़े पर कुछ पका रहा था और जब मैं उनसे बात करने गया तो देखा कि माँ अपने बच्चों को हांडी में उबलते पानी का झांसा देकर समझाने की कोशिश कर रही थी कि उनके लिए कुछ पक रहा है और यह वास्तव में हम सभी के लिए दयनीय दृश्य था। इस तस्वीर को खींचने के बाद मेरी टीम ने उस परिवार को भोजन और आश्रय को लेकर मदद की थी।”

अतः असली न्यूज़ की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ। असल में यह तस्वीर बांग्लादेश की है। इस तस्वीर का भारत से कोई संबंध नहीं हैं।

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