कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के संशोधित पाठ्यक्रम को लेकर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह वास्तव में केंद्रीय शिक्षा बोर्ड है। केरल कांग्रेस सांसद की टिप्पणी सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा 10 और 12 के पाठ्यक्रम को संशोधित करने के कुछ दिनों बाद आई है।

राहुल गाँधी ने पाठ्यक्रम में संशोधन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा और इसे ‘राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर’ कहा।

कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “राष्ट्रीय शिक्षा श्रेडर” और ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी संलग्न की, जिसमें लोकतंत्र और विविधता, कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव, गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे विषयों को काटने वाली मशीन दिखाई दे रही है। मुगल दरबार, औद्योगिक क्रांति, फैज की कविता, रोजगार, सांप्रदायिक सद्भाव और संस्थानों की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को दिखाते हुए कटा हुआ।

यकांग्रेस सांसद की टिप्पणी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से कक्षा 11वीं और 12वीं के सिलेबस में किए गए बदलाव के बाद आई है। CBSE ने 11वीं और 12वीं क्लास से इतिहास और राजनीति विज्ञान के सिलेबस में से कई चैप्टर हटा दिए हैं। इनमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन, कोल्ड वॉर टाइम, अफ्रीकी-एशियाई क्षेत्रों में इस्लामी साम्राज्यों का उदय, मुगल दरबार और औद्योगिक क्रांति के इतिहास शामिल थे।

9 अप्रैल को, राहुल गांधी ने दिल्ली में एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, “संविधान को बचाने के लिए, हमें उन संस्थानों की रक्षा करनी होगी जो आरएसएस के हाथों में हैं।”

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