दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ कांग्रेस ने हल्ला बोल रैली की। रैली में राहुल गांधी के संबोधन के बाद उनके भाषण का एक वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें आटा की कीमत रुपये प्रति लीटर कहते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी को लीटर और किलोग्राम के बीच का फर्क पता नहीं है।

जब इसकी पड़ताल असली न्यूज टीम ने की तो पाया यह दावा सही है। वीडियो में उनके भाषण के उसी अंश को दिखाया जा रहा है, जब महंगाई के खिलाफ आयोजित रैली को संबोधित करते वक्त उनकी जुबान फिसल गई थी। उन्होंने तत्काल अपनी गलती सुधारी और फिर कीमत को प्रति किलो में बताया। लेकिन वायरल वीडियो में उनके वीडियो के उसी अंश को दिखाया जा रहा है जिसमें उनकी जुबान फिसल गयी थी।

राहुल गांधी का वायरल हो रहा वीडियो क्लिप करीब 6 सेकेंड का है। साफ है कि यह वीडियो क्लिप उनके किसी भाषण का अंश है, जिसे उसके संदर्भ से अलग कर साझा किया जा रहा है। मूल वीडियो को देखे और सुने बिना इस तरह के वायरल वीडियो क्लिप का संदर्भ स्पष्ट नहीं हो पाता है।

राहुल गांधी के इस भाषण को कई न्यूज चैनलों के अलावा कांग्रेस के यूट्यूब चैनल समेत अन्य आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों से भी लाइव किया गया था। न्यूज एजेंसी एएनआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर राहुल गांधी के भाषण का वह क्लिप मिला, जिसमें वह यूपीए और मोदी सरकार के बीच महंगाई के आंकड़ों की तुलना कर रहे हैं।

1 मिनट 02 सेकेंड वीडियो क्लिप को सुनने पर हमें वायरल हो रहे वीडियो क्लिप का पूरा संदर्भ मिल जाता है, जिसमें राहुल गांधी महंगाई को लेकर यूपीए सरकार बनाम मोदी सरकार की तुलना करते हुए कह रहे हैं, कह रहे है मेरे पास आंकड़ें हैं। 2014 में एलपीजी का सिलेंडर 410 रुपये का था, आज 1050 रुपये का है, पेट्रोल 70 रुपये लीटर, आज तकरीबन 100 रुपये लीटर। डीजल 55 रुपये लीटर, आज 90 रुपये लीटर। सरसों का तेल 90 रुपये लीटर, आज 200 रुपये लीटर, दूध 35 रुपये लीटर, आज 60 रुपये लीटर…..आटा 22 रुपये लीटर और आज 40 रुपये लीटर…अअअ…केजी (किलोग्राम)।’

आगे पड़ताल करते हुए यूट्यूब पर हमें राहुल गांधी के भाषण का पूरा वीडियो मिला। करीब 28 मिनट के उनके भाषण में उन्होंने महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर केंद्र की सरकार पर निशाना साधा। इस वीडियो को एडिट कर उसमें से लीटर वाले बयान को हटा दिया गया है। 9 मिनट 20 सेकेंड के वीडियो फ्रेम से उनके इस बयान को सुना जा सकता है।

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर चार सितंबर को प्रकाशित खबर में भी इसका जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘महंगाई के विरुद्ध कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में आंकड़े देते हुए एक जगह राहुल गांधी की जुबान फिसल गई, लेकिन उन्होंने तुरंत ही सुधार कर लिया। बाद में उनके भाषण का जुबान फिसलने वाला अंश ही इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।’

अतः हमारी पड़ताल में यह निष्कर्ष निकला कि दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की तरफ से आयोजित महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली में जनसभा को संबोधित किए जाने के राहुल गांधी के भाषण के एडिटेड क्लिप को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। भाषण के दौरान उनकी जुबान फिसल गई और उन्होंने मनमोहन सरकार में आटे के भाव को 22 रुपये प्रति लीटर बता दिया। हालांकि, उन्होंने बाद में अपनी गलती सुधारी और फिर प्रति किलो में उसे बताया। लेकिन वायरल क्लिप में उनके भाषण के इस अंश को हटा दिया है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि राहुल गांधी ने आटे की कीमत को प्रति लीटर में ही बताया।

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