सोशल मीडिया पर रतन टाटा के नाम से एक पोस्ट वायरल हो रही है। फोटो में देखा जा सकता है कि रतन टाटा की फोटो लगी हुई है और लिखा हुआ है कि रतन टाटा ने जेएनयू के छात्रों को नौकरी नहीं देने का ऐलान किया है।

जब इसकी पड़ताल असली न्यूज टीम ने की तो पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल दावा फर्जी है। रतन टाटा ने जेएनयू के छात्रों को नौकरी नहीं देने जैसा कोई बयान नहीं दिया है। टाटा ग्रुप पहले ही इस बयान का खंडन कर चुका है।

पड़ताल की शुरुआत करते हुए सबसे पहले इसे कीवर्ड से सर्च किया। इसमें हमें पता चला कि यह दावा फरवरी 2016 में भी वायरल हो चुका है। फेसबुक यूजर Pratik’s Blog पर इससे मिलते-जुलते दावे को देखा जा सकता है, जो 15 फरवरी 2016 को पोस्ट किया गया है।

पड़ताल को आगे बढ़ते हुए हमने ट्विटर पर इसे सर्च किया। इस बारे में 15 फरवरी 2016 को टाटा ग्रुप के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया है कि रतन टाटा ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया है।

कीवर्ड्स के साथ ढूंढ़ने पर हमें इस बयान के बारे में कुछ मीडिया आउटलेट्स पर भी खबरें मिलीं। इन सभी ख़बरों में बताया गया था कि रतन टाटा ने जेएनयू को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

अतः असली न्यूज़ की पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया की रतन टाटा ने कभी नहीं कहा कि वह जेएनयू के छात्रों को नौकरी नहीं देंगे। सोशल मीडिया पर उनके नाम से फर्जी पोस्ट वायरल हो रही है। खुद टाटा ग्रुप ने इस बयान को फर्जी बताया है।

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