सोशल मीडिया पर अखबार का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 5G ऑक्शन में देश को 2.8 लाख करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। हमने जब इस दावे की पड़ताल कि तो पाया कि वायरल स्क्रीनशॉट फर्जी है। खबर के स्क्रीनशॉट को एडिट कर शेयर किया जा रहा है। असली खबर में घाटे के बारे में नहीं, बल्कि नीलामी से सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपए की हुई आमदनी के बारे में बताया गया है।

स्क्रीनशॉट को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ‘बीजेपी का घोटाला!  देश के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला।’  फेसबुक पर भी ये स्क्रीनशॉट काफी वायरल हो रहा है।

जब हमने इस स्क्रीनशॉट को ध्यान से देखा। हमने पाया कि स्क्रीनशॉट पर टाइम्स बिजनेस लिखा हुआ है। इसके बाद हमने टाइम्स की वेबसाइट को सर्च करना शुरू किया, लेकिन हमें वायरल दावे से जुड़ी कोई रिपोर्ट वेबसाइट पर नहीं मिली। इसके बाद हमने टाइम्स के सोशल मीडिया हैंडल को सर्च करना शुरू किया। हमें वहां पर भी हमें स्क्रीनशॉट में मौजूद खबर की कोई प्राप्त नहीं हुई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स से सर्च करना शुरू किया। इस दौरान हमें असली खबर टाइम्स के एक नेशनल एडिटर पंकज डोभाल के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर मिली। पंकज ने असली स्क्रीनशॉट को 2 अगस्त 2022 को शेयर किया था। असली खबर में घाटे के बारे में नहीं, बल्कि नीलामी से सरकार को 1.5 लाख करोड़ रुपए की हुई आमदनी के बारे में बताया गया है।

टाइम्स के रिपोर्टर पंकज डोभाल ने वायरल पोस्ट के बारे में बताया, “वायरल दावा गलत है। वायरल स्क्रीनशॉट एडिटेड है। असली खबर की हेडलाइन और कुछ लाइनों को बदल कर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है। हमने इस तरह की कोई खबर नहीं छापी है।”

इस पेज में एक अगस्त को हुई 5G ऑक्शन के नतीजे से जुड़ी खबरें भी थीं। इस पेज की हेडिंग में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी रिकॉर्ड 1.5 लाख करोड़ की आमदनी होने होने की बात थी। जाहिर है कि 5G ऑक्शन से जुड़ी खबर को एडिटिंग के जरिए लाखों करोड़ रुपए के घाटे की हेडिंग के साथ इसे शेयर किया जा रहा है।

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