सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल है। जिसमें दिख रहा है प्रदर्शनकारी पत्थर फेंक रहा है और फिर कुछ ही सेकंड के भीतर उसे एक हादसे का शिकार बनते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को वायरल करके लोगों द्वारा दावा किया जा रहा है कि एक व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना पर पत्थरबाज़ी कर रहा है जिसके बाद सैनिकों द्वारा उसे मार दिया जाता है।

वायरल न्यूज़ की पड़ताल जब असली न्यूज़ टीम ने की तो पाया वायरल दावा गलत है। दरअसल यह वीडियो जम्मू कश्मीर का नहीं बल्कि बोलीविया का है।

जाँच के लिए सबसे पहले हमने वीडियो के एक फ़्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। जिसके बाद हमें USA क्राइम की एक रिपोर्ट मिली। 8 अगस्त के इस आर्टिकल का टाइटल है, “कोका ग्रोअर ने ग़लती से बोलीविया में डायनामाइट स्टिक से खुद को उड़ा लिया।” इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो भी शामिल है।

अगर रिपोर्ट की बात करे तो, दक्षिण अमेरिका के देश बोलीवीया में विला एल कारमेन में कोका किसान और लॉस युंगस के महिला संघ परिषद नेता के भाई प्लासीडो कोटा, पुलिस के साथ हुई झड़प के दौरान डायनामाइट की एक स्टिक संभालते हुए गंभीर रूप से घायल हो गया। वीडियो में कोटा किसी चीज़ को फेंकने के बाद पीछे हटते हुए दिखाई दे रहे हैं। और कुछ सेकंड के अंदर डायनामाइट की एक छड़ी फट जाती है जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो जाता है। इस शख्स के बाएं हाथ और पेट में आई दर्दनाक चोट के बाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

यूट्यूब पर संबंधित की-वर्ड्स सर्च करने हमें बोलिवियाई मीडिया आउटलेट्स की कई रिपोर्ट्स मिलीं जो प्लासीडो कोटा की रिकवरी के बारे में थीं। यूट्यूब चैनल Noticias Bolivisión पर मौजूद 21 अगस्त की एक वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, Placido Cota के स्वास्थ्य अब ठीक है। टीवी न्यूज़ रिपोर्ट की शुरुआत में वायरल वीडियो चलाया जाता है जिसमें कोटा को लाल घेरे में दिखाया जाता है।

अतः अपनी पड़ताल में हमने पाया कि वायरल वीडियो जम्मू-कश्मीर में सैनिकों द्वारा मारे गए पत्थरबाज़ का नहीं बल्कि एक बोलीवियाई कोका किसान का है जो डायनामाइट विस्फ़ोट में गंभीर रूप से घायल हो गया था।

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