महात्मा गांधी को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोगों के समूह को महात्मा गांधी के पुतले को जलाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि अमृत महोत्सव के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के पुतले को जलाकर और नाथूराम गोडसे अमर रहे का नारा लगाते हुए आज़ादी दिवस मनाया।

असली न्यूज़ की पड़ताल में यह दावा गलत निकला। दरअसल महात्मा गांधी के पुतले को जलाने का वीडियो आजादी के अमृत महोत्सव से संबंधित नहीं है। वायरल हो रहा वीडियो 30 जनवरी 2019 का है, जब महात्मा गांधी के पुतले के जरिए उनकी हत्या का सीन दोहराने के मामले का वीडियो सामने आने के बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया था।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों का समूह नजर आ रहा है, जिनके गले में भगवा गमछा नजर आ रहा है और इनमें से एक व्यक्ति महात्मा गांधी के पुतले को आग लगा देता है।

जब हमने संबंधित की-वर्ड्स को गूगल पर सर्च किया तो दैनिक जागरण के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर 06 फरवरी 2019 को अपलोड किए गए वीडियो का लिंक मिला।

दी गई जानकारी के मुताबिक, ‘ महात्मा गांधी के पुतले के जरिए उनकी हत्या का सीन दोहराने की मुख्य आरोपी और अखिल भारतीय हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय और उसके पति अशोक पांडेय को मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस बीते करीब एक हफ्ते से संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इस बीच पेशी के लिए कोर्ट लाई गईं पूजा ने कहा है कि उन्हें किसी तरह का पछतावा नहीं है। पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक को अलीगढ़ पुलिस ने मंगलवार रात टप्पल से गिरफ्तार किया। दोनों को गिरफ्तारी के बाद बुधवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत के बाहर मीडिया से पूजा पांडे ने कहा, ‘मुझे कोई पछतावा नहीं है। हमने कोई अपराध नहीं किया है। हमने अपने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल किया है।’

बता दें कि 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर इन दोनों ने कुछ साथियों के साथ गांधीजी की हत्या का सीन दोहराया था। इसके लिए उन्होंने एक पुतले पर गांधीजी का पोस्टर लगाकर उस पर टॉय पिस्टल से गोलियां चलाई थीं। वायरल हुए वीडियो में सभी लोग गांधीजी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे थे।’

वायरल वीडियो को लेकर विश्वास न्यूज ने हिंदू महासभा के प्रवक्ता अशोक कुमार पांडेय से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया वायरल हो रहा वीडियो 2019 का है और इसमें नजर आ रही महिला पूजा शकुन पांडेय संगठन में राष्ट्रीय सचिव के पद पर होने के साथ महामंडलेश्वर भी हैं।

अतः पड़ताल पाया कि महात्मा गांधी के पुतले को आग लगाने की घटना का आजादी के अमृत महोत्सव से कोई संबंध नहीं है। यह 2019 की पुरानी घटना है, जिसमें शामिल हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव पूजा शकुन पांडेय समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

 

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