म्यांमार में 2016 में सेना के दमन और अत्याचार से पीड़ित होकर बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थियों ने बांग्लादेश में पनाह ली थी। जिसके बाद उन्होंने भारत में भी घुसपैठ शुरू कर दी। मौजूदा समय में बांग्लादेश के कॉक्स बाजार और भासन चार द्वीप में लगभग 11 लाख रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा बताया जा रहा है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 16,000 रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं।

इन्ही रोहिंग्या शरणार्थी को लेकर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट किया कि भारत ने हमेशा उन लोगों का स्वागत किया है जिन्होंने देश में शरण मांगी है। एक ऐतिहासिक फैसले में सभी #रोहिंग्या #शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला इलाके में EWS फ्लैटों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उन्हें मूलभूत सुविधाएं, UNHCR आईडी और चौबीसों घंटे संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

जिस पर तंज कसते हुए सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान संपादक सुरेश चव्हाणके ने ट्वीट किया कि हिंदुओं के लिए तो @UN बोलेगा नहीं। पाकिस्तान से आए हिंदुओं को कम से कम बिजली और पानी तों दिजीए।

बता दें कि पूर्वी भारत में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके अलावा कई रोहिंग्या शरणार्थी जम्मू, हैदराबाद, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बस गए हैं, जबकि इस तरह की कुछ रिपोर्ट भी है कि हरियाणा के मेवात में भी उनकी उपस्थिति है।

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